असम: दस्तावेज़ों का हिंदी में होना एनआरसी सूची से बाहर होने का बना आधार, हिंदी भाषी लोग परेशान
असमी और बंगाली भाषा एनआरसी कर्मचारी इन हिंदी के दस्तावेज़ों को पढ़ ही नहीं पाए, न उसका सत्यापन कर पाए। इस कारण एनआरसी सूची से में ज़्यादातर लोगों का नाम ही नहीं आ सका।