May a good source be with you.

अलवर मॉब लिंचिंग: एएसआई ने स्वीकारी अपनी ग़लती, कहा “हां साहब मैंने तो गलती कर दी, अब चाहे सजा दो या छोड़ दो”

मॉब लिंचिंग में बुरी तरह घायल हुए अकबर को पुलिस अस्पताल न ले जाकर आगे पुलिस थाने ले जाती है।

राजस्थान के अलवर में भीड़ के द्वारा अकबर खान उर्फ रकबर की हत्या में राजस्थान पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। मॉब लिंचिंग में बुरी तरह घायल हुए अकबर को पुलिस अस्पताल न ले जाकर आगे पुलिस थाने ले जाती है।

थाने के सीसीटीवी कैमरे से इस बात का खुलासा होने के बाद सोशल मीडिया पर एक और विडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल विडियो के उपरांत राजस्थान पुलिस और भी सवालों के घेरे में आ गई है।

दरअसल, विडियो एक छुपे हुए कैमरे से बनाया गया है जिसमें रोजनामचा लिखने वाले और कार्रवाई के इंचार्ज रहे एएसआई ने गलती स्वीकार की है।

एक अनौपचारिक बातचीत में जब एएसआई मोहन सिंह को याद दिलाया जाता है कि आप इस केस में इंचार्ज थे तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। इस पर वो स्वीकार करते नज़र आ रहे हैं| उन्होंने कहा, “हां साहब मैंने तो गलती कर दी कैसे भी मान लो, अब चाहे सजा दो या छोड़ दो आपकी मर्जी|”

ईनाडु इंडिया की एक रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी रहे नवल किशोर का कहना है कि मॉब लिंचिंग में घायल अकबर को पहले अस्पताल न ले जाकर थाने ले जाया गया था। अकबर को तीन घंटे देरी से अस्पताल ले जाया गया। तब तक उसकी मौत रास्ते में हो गई।

प्रत्यक्षदर्शी, ग्रामीण और स्थानीय विधायक द्वारा पुलिस पर आरोप लगाने पर राजस्थान पुलिस मामले में कार्यवाही को घुमाने की कोशिश में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज, एफआईआर और डॉक्टर के बयान के आधार पर पुलिस शुरुआत से ही सवालों के घेरे में थी। एक और वि़डियो सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस और भी संदेह के घेरे में आ गई है।

बहरहाल सूबे के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीए जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी जल्ट ही जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय को सौपेगी।

अब आप न्यूज़ सेंट्रल 24x7 को हिंदी में पढ़ सकते हैं।यहाँ क्लिक करें
+